नई दिल्ली, जेएनएन। अब दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को एक जनवरी, 2019 से बड़ा झटका नहीं लगने वाला है। दरअसल, नए साल से दिल्ली में गाड़ी लेना तकरीबन 18 गुना तक महंगा होने वाला था, क्योंकि पार्किंग शुल्क में 18 गुना तक इजाफा किया गया था। अब दिल्ली सरकार ने इसमें दखल दिया है और इस फैसले को वापस ले लिया गया है। इसकी जानकारी खुद दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री कैलाश गहलोत ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने ट्वीट किया-‘ट्रांसपोर्ट विभाग को आदेश दिया गया है कि 21 दिसंबर को दिया गया आदेश वापस ले। इस आदेश में तीनों नगर निगमों की ओर से पार्किंग शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया गया था।’

यहां पर बता दें कि अगर नया प्रस्ताव लागू हो जाता तो पहले जहां प्राइवेट गाड़ी खरीदने के दौरान वन टाइम पार्किंग चार्ज 4000 रुपये देना पड़ता था, वह परिवहन विभाग द्वारा जारी नए आदेश में 75000 रुपये तक देना पड़ता। यहां यह बताना भी जरूरी है कि कमर्शियल गाड़ियों पर पार्किंग चार्ज हर साल लगता है, लेकिन अब पार्किंग शुल्क में इजाफा नहीं होगा।

यह था आदेश 

परिवहन विभाग के नए आदेश को प्राइवेट कमर्शियल और नॉन कमर्शियल गाड़ियों पर 1 जनवरी, 2019 से लागू करने के निर्देश दिए थे। इतना ही नहीं, विभाग ने पार्किंग चार्ज बढ़ाने के भी आदेश दिए थे और ऐसी स्थिति में 75000 रुपये तक पार्किंग चार्ज देना पड़ता। यह आदेश दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से शुक्रवार को दिए गया था। इस आदेश के सार्वजनिक होते ही ट्रांसपोर्ट संगठनों के साथ लोगों में भी हड़कंप मच गया था।

आदेश का अध्ययन करने वालों के मुताबिक, इस आदेश के बाद सबसे ज्यादा प्रभाव प्राइवेट गाड़ियों पर ही पड़ने जा रहा था। इसकी वजह यह थी कि नॉन कमर्शियल गाड़ियों को दिल्ली में वन टाइम पार्किंग चार्ज देना होता है। कार खरीदने के वक्त ही नगर निगम का पार्किंग चार्ज उसके दाम में जुड़ा होता है।

18 गुना तक बढ़ता पार्किंग चार्ज

गौरतलब है कि अब तक नॉन कमर्शियल गाड़ियों का पार्किंग चार्ज महज 4000 रुपये तक ही होता था, लेकिन परिवहन विभाग के आदेश के बाद इस चार्ज को बढ़ाकर 75 हजार तक कर दिया गया था। जाहिर है कि पार्किंग चार्ज की रकम में 18 गुना तक इजाफा होता।