नई दिल्ली, जेएनएन। ठंड और कोहरे के साथ दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण भी खतरनाक हो चुका है। रविवार को दिल्ली-एनसीआर में शनिवार से भी ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया। सोमवार को भी हालात बदतर हैं। वैज्ञानिकों ने कहा, हालात आने वाले दिनों में और भी गंभीर हो सकते हैं। इस बाबत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिल्ली-एनसीआर में हो रहे निर्माण कार्यों पर 26 दिसंबर तक रोक लगा दी है। इसके तहत 26 दिसंबर तक दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाली तमाम गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।

  • दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाली तमाम गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इसमें निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
  • दिल्ली-एनसीआर के इलाकों वजीरपुर, मुंडका, नरेला, बवाना, साहिबाबाद और फरीदाबाद में 26 तक फैक्टरियां बंद रहेंगी।
  •   दिल्ली व उसके सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ पुलिस सघन अभियान चलाए, साथ ही जाम न लगे, इसके लिए भी ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  •   दिल्ली एनसीआर की कोयला एवं बॉयोमास से चलने वाली तमाम औद्योगिक इकाइयों को बंद रखा जाए।
  • लोगों को दी है यह सलाह
    सीपीसीबी ने दिल्ली व एनसीआर के निवासियों को सलाह दी है कि वे प्रदूषण के दौरान कम से कम यात्रा करें। अगर इस दौरान यात्रा जरूरी हो तो निजी वाहनों से विशेषकर डीजल वाहन के प्रयोग से बचें। जितना संभव हो, सार्वजनिक वाहन का ही प्रयोग करें, जिससे प्रदूषण रोकने में मदद मिलेगी।

    मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आगामी कुछ दिनों में प्रदूषण के स्तर में काफी इजाफा हो सकता है। ऐसे में दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील न हो, इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कई कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है।

  • सीपीसीबी ने बताया कि प्रदूषण दिल्ली के सभी 37 मॉनिटरिंग स्टेशन में पीएम 2.5 और पीएम 10 खतरनका स्तर को पार कर गया। रविवार को एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 450 दर्ज किया गया। जो शनिवार से भी ज्यादा था। शनिवार के दिन इंडेक्स वैल्यू 421 दर्ज किया गया था।

    सीपीसीबी ने लोगों को सलाह दी है कि अस्थमा मरीजों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। अगले 3 से 5 दिन प्रदूषण से राहत नहीं मिलेगी। मौसम इस समय काफी ठंडा है। इसकी वजह से हालात बिगड़े हुए हैं। इसके बाद सीपीसीबी ने ईपीसीए को सुझाव दिया कि सिविक एजेंसी अपने मौजूदा कदमों को सख्ती से उठाए।